Yagya Prarthana
यज्ञ प्रार्थना पूजनीय प्रभो हमारे,भाव उज्जवल कीजिये ।छोड़ देवें छल कपट को,मानसिक बल दीजिये ॥ १॥ वेद की बोलें ऋचाएं,सत्य को धारण करें ।हर्ष में हो मग्न सारे,शोक-सागर से तरें ॥ २॥ अश्व्मेधादिक रचायें,यज्ञ पर-उपकार को ।धर्मं- मर्यादा चलाकर,लाभ दें संसार को ॥ ३॥ नित्य श्रद्धा-भक्ति से,यज्ञादि हम करते रहें… Read more »

