Namkaran Sanskar
नामकरण संस्कार विधि: अर्थ, महत्व, नियम और वैदिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण सनातन वैदिक परंपरा का पंचम संस्कार — जीवन की पहचान और श्रेष्ठ व्यक्तित्व की शुरुआत सनातन वैदिक संस्कृति में मनुष्य के जीवन को श्रेष्ठ और संस्कारित बनाने हेतु 16 संस्कारों की व्यवस्था की गई है। जन्म के बाद शिशु के… Read more »
Jatakarm Sanskar
जातकर्म संस्कार विधि: अर्थ, महत्व, नियम और वैदिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण सनातन वैदिक परंपरा का चतुर्थ महत्वपूर्ण संस्कार — नवजात शिशु के जीवन का प्रथम वैदिक स्वागत सनातन वैदिक परंपरा में मनुष्य के जीवन को शुद्ध, अनुशासित और श्रेष्ठ बनाने के लिए 16 संस्कारों का विधान है। शास्त्रों के अनुसार क्रम… Read more »
Na To Der Hai Na Andher Hai
न तो देर है न अन्धेर है न तो देर है न अन्धेर है, तेरे कर्मों का ये सब फेर है लाखों तीरथ जाके नहा ले, मिटते नहीं कभी कर्मों के काले नेकी की मन में ज्योत जला ले, और जीवन में कर ले उजाले न तो देर है न… Read more »
Garbhadan Sanskar
गर्भाधान संस्कार विधि: अर्थ, महत्व, नियम और वैदिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण सनातन वैदिक परंपरा का प्रथम और सबसे महत्वपूर्ण मूल संस्कार — श्रेष्ठ संतति निर्माण की नींव सनातन वैदिक परंपरा में मनुष्य के शरीर और आत्मा की उन्नति के लिए 16 उत्तम संस्कारों का विधान है। मनुस्मृति के अनुसार, निषेक (गर्भाधान)… Read more »
Dayanand Ne Jagaya Saari Duniya Ko
दयानन्द ने जगाया सारी दुनियां को दयानन्द ने जगाया सारी दुनियां को ,इक्क रस्ता दिखाया सारी दुनियां को ,रहे थे सो उठा गया वोह सारी दुनियां को , दिये जहर किसी ने पत्थर मारे ,नहीं झुके ऋषि ना हारे।सच्चाई को सुना गया वो सारी दुनियां को।। बन बैठे थे ईश्वर… Read more »
Dayanand Ki Jai Manate Chalenge
दयानन्द की जय मनाते चलेंगे दयानन्द की जय मनाते चलेंगे,कदम आगे आगे बढ़ाते चलेंगे।बनायेंगे हम आर्य संसार भर को ,ध्वजा ओम् की हम उठाते चलेंगे। जो आवाज़ सुन के खुले पोल सब की ,वह वेदों का डकां बजाते चलेंगे।रहें ब्रह्मचारी बनें व्रत धारी ,सदाचार के गीत गाते चलेंगे। कभी शान… Read more »

