Mat kar tu abhimaan re bande
मत कर तू अभिमान रे बंदे मत कर तू अभिमान रे बंदे, जूठी तेरी शान रे । मत कर तू अभिमान ॥ तेरे जैसे लाखों आये, लाखों इस माटी ने खाए । तेरे जैसे लाखों आये, लाखों इस माटी ने खाए । रहा ना नाम निशान रे बंदे, मत कर… Read more »
Milta hai saccha sukh keval
मिलता है सच्चा सुख केवल “मिलता है सच्चा सुख केवल,भगवान् तुम्हारे चरणों में । यही विनति है पल – पल छिन – छिन ,रहे ध्यान तुम्हारे चरणों में । चाहे वैरी कुल संसार बने , चाहे जीवन मुझ पर भार बने । चाहे मौत गले का हार बने , रहे… Read more »
Punsavan Sanskar
पुंसवन संस्कार: अर्थ, महत्व, विधि और वैदिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण सनातन वैदिक परंपरा का द्वितीय महत्वपूर्ण संस्कार — श्रेष्ठ एवं गुणवान संतान की नींव सनातन वैदिक परंपरा में मनुष्य के जीवन को पवित्र, अनुशासित और श्रेष्ठ बनाने के लिए 16 संस्कारों का विधान किया गया है। ये संस्कार केवल धार्मिक कर्मकांड… Read more »
Utho Dayanand Ke Sipahiyo
उठो दयानंद के सिपाहियों समय पुकार रहा है उठो दयानंद के सिपाहियों समय पुकार रहा हैदेश द्रोह का विषधर फन फैला फुंकार रहा है उठो विश्व की सूनी आँखें काजल मांग रही हैंउठो अनेकों द्रुपद सुताएँ आँचल मांग रही हैं …मरघट को पनघट सा कर दो जग की प्यास बुझा… Read more »
Hota hai saare vishva ka, Kalyaan Yagya se
होता है सारे विश्व का, कल्याण यज्ञ से होता है सारे विश्व का,कल्याण यज्ञ से ।जल्दी प्रसन्न होते हैं,भगवान् यज्ञ से ॥ ऋषियों ने ऊँचा माना है,स्थान यज्ञ का ।भगवान् का यह यज्ञ है,भगवान यज्ञ का ।जाता है देवलोक में,इन्सान यज्ञ से ॥होता है सारे विश्व का,कल्याण यज्ञ से ।… Read more »
Srishti Se Pehle Amar Om Naam Tha
सृष्टि से पहले अमर ओ३म् नाम था सृष्टि से पहले अमर ओ३म् नाम था, अमर ओ३म् नाम था,आज भी है और कल भी रहेगा। सूरज की किरणों में,उसी का तेज समाया है।और चाँद सितारों में,उसी की शीतल छाया है। पृथ्वी की गोद में,उसी का दुलार था, उसी का दुलार था,… Read more »

