Tere dar ko chhodkar
तेरे दर को छोड़कर तेरे दर को छोड़कर, किस दर जाऊँ मैं। सुनता मेरी कौन है, किसे सुनाऊँ मैं॥ जब से याद भुलाई तेरी, लाखों कष्ट उठाये हैं। क्या जानूँ इस जीवन, अन्दर कितने पाप कमाये हैं॥ हूँ शर्मिंदा आपसे, क्या बतलाऊँ मैं॥ (तेरे…) मेरे पाप-कर्म ही तुझसे, प्रीति न… Read more »
Ajab Hairan Hoon Bhagwan
अजब हैरान हूँ भगवन् अजब हैरान हूँ भगवन्, तुम्हें क्योंकर रिझाऊँ मैं। कोई वस्तु नहीं ऐसी, जिसे सेवा में लाऊँ मैं॥ करें किस तौर आवाहन, कि तुम मौजूद हो हर जा। निरादर है बुलाने को, अगर घण्टी बजाऊँ मैं॥ तुम्हीं हो मूर्ती में भी, तुम्हीं व्यापक हो फूलों में। भला… Read more »
Dhanya hai tumko ae Rishi
धन्य है तुमको ए ऋषि धन्य है तुमको ए ऋषि, तूने हमें जगा दिया। सो सो के लुट रहे थे, हम तूने हमें जगा दिया। अन्धों को आखें मिल, गई मुर्दों में जान आ गई। जादू सा क्या चला दिया, अमृत सा क्या पिला दिया। वाणी में क्या तासीर, थी… Read more »
Aaj Mil Sab Geet Gao
आज मिल सब गीत गाओ आज मिल सब गीत गाओ, उस प्रभु के धन्यवाद। जिसका यश नित गाते हैं, गन्धर्व मुनिजन धन्यवाद ॥ १ ॥ मन्दिरों में कन्दरों में, पर्वतों के शिखर पर। देते हैं लगातार सौ-सौ बार, मुनिवर धन्यवाद ॥ २ ॥ करते हैं जंगल में मंगल, पक्षिगण हर… Read more »
He Gyanwan Bhagwan
हे ज्ञानवान भगवन हे ज्ञानवान भगवन,हमको भी ज्ञान दे दो,करुणा के चार छींटे,करुणा निधान दे दो।। सुलझा सकें हम अपने,जीवन की उलझनों को,प्रज्ञा ऋतम्भरा सी,बुद्धि का दान दे दो,करुणा के चार छींटे,करुणा निधान दे दो,हे ज्ञानवान भगवान,हमको भी ज्ञान दे दो।। अपनी मदद हमेशा,ख़ुद आप कर सकें,हम इन बाजुओं में… Read more »
Simantonnayan Sanskar
सीमन्तोन्नयन संस्कार: अर्थ, महत्व, विधि और वैज्ञानिक आधार सनातन धर्म की महानता उसकी परंपराओं और संस्कारों में छिपी है। मनुष्य को पृथ्वी का सर्वश्रेष्ठ प्राणी माना गया है क्योंकि उसके पास विवेक, संस्कार और मर्यादा का ज्ञान है। हिंदू धर्म में जन्म से पूर्व से लेकर मृत्यु के पश्चात तक… Read more »

