Tu Hai Saccha Pita
तू है सच्चा पिता सारे संसार का तू है सच्चा पिता सारेसंसार का ओ३म प्यारा।तू ही तू ही है रक्षक हमारा ॥ चाँद सूरज सितारे बनाये।पृथ्वी, आकाश, पर्वत सजाये।अन्त आया नहीं,तेरा पाया नहीं पारवारा ॥तू ही…….. ॥ १ ॥ पक्षी गण राग सुन्दर हैं गाते।जीव, जन्तु भी सिर हैं झुकाते।सुख… Read more »
Om Jai Jagdish Hare
ॐ जय जगदीश हरे ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे, भक्त जनों के संकट, क्षण में दूर करे, ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे || जो ध्यावे फल पावे, दुःख बिन से मन का, स्वामी दुख बिन से मन का, सुख सम्पति घर आवे, कष्ट मिटे… Read more »
Uth Jaag Musafir Bhor Bhai
उठ जाग मुसाफिर भोर भई उठ जाग मुसाफिर भोर भई,अब रैन कहाँ जो सोवत है ।जो सोवत है सो खोवत है, जो जागत है सोई पावत है ॥ उठ नींद से अखियाँ खोल जरा, और अपने प्रभु में ध्यान लगा ।यह प्रीत करन की रीत नहीं, प्रभु जागत है तू… Read more »
Tora Man Darpan Kahlaye
तोरा मन दर्पण कहलाए तोरा मन दर्पण कहलाए,भले, बुरे, सारे कर्मों को,देखे और दिखाए ॥मन ही देवता, मन ही ईश्वर,मन से बड़ा ना कोई,मन उजियारा,जब जब फैले, जग उजियारा होए,इस उजले दर्पन पर प्राणी,धूल ना ज़मने पाए ॥ तोरा मन दर्पण कहलाये,भले, बुरे, सारे कर्मों को,देखे और दिखाए ॥ सुख… Read more »
Bhagwan Meri Naiya
भगवान मेरी नैया भगवान मेरी नैया, उस पार लगा देना, अब तक तो निभाया है, आगे भी निभा देना ॥ हम दीन दुखी निर्बल, नित नाम रहे प्रतिपल, यह सोच दरश दोगे, प्रभु आज नही तो कल, जो बाग़ लगाया है, फूलों से सजा देना, भगवान मेरी नईया, उस पार… Read more »
Arya Samaj Ke Niyam
आर्य समाज के नियम सब सत्यविद्या और जो पदार्थ विद्या से जाने जाते हैं, उन सबका आदिमूल परमेश्वर है। ईश्वर सच्चिदानन्दस्वरूप, निराकार, सर्वशक्तिमान, न्यायकारी, दयालु, अजन्मा, अनन्त, निर्विकार, अनादि, अनुपम, सर्वाधार, सर्वेश्वर, सर्वव्यापक, सर्वान्तर्यामी, अजर, अमर, अभय, नित्य, पवित्र और सृष्टिकर्ता है, उसी की उपासना करनी योग्य है। वेद सब… Read more »

